सभी प्रबुद्धजनों से आग्रह है कि
''ढोल गंवार शुद्र पशु नारी,सकल ताडना के अधिकारी'' प्रत्येक शब्द के अर्थ पर इस पंक्ति के रचनाकाल तथा वर्तमान समय में अर्थ पर प्रकाश डालें।
ढोल
गंवार
शुद्र
पशु
नारी
सकल
ताडना
अधिकारी
आभार रहेगा
विजेन्द्र प्रताप सिंह
''ढोल गंवार शुद्र पशु नारी,सकल ताडना के अधिकारी'' प्रत्येक शब्द के अर्थ पर इस पंक्ति के रचनाकाल तथा वर्तमान समय में अर्थ पर प्रकाश डालें।
ढोल
गंवार
शुद्र
पशु
नारी
सकल
ताडना
अधिकारी
आभार रहेगा
विजेन्द्र प्रताप सिंह